सभी सेवाओं पर वापस
सेवाएँ
विवाह संस्कार
शास्त्रोक्त सम्पूर्ण वैदिक विवाह संस्कार — सोलह संस्कारों सहित पारम्परिक विधि एवं मंत्रों से सम्पन्न।
अवधि: पूरा दिनवर-वधू की कुंडली अनुसार शुद्ध मुहूर्त

महत्व
विवाह संस्कार सोलह संस्कारों में से एक है। यह दो आत्माओं एवं दो परिवारों के मिलन का पावन अवसर है, जिसे पूर्ण शास्त्रीय विधि से सम्पन्न किया जाता है।
विधि
- 1मंगल मुहूर्त निर्धारण
- 2गणपति पूजन
- 3मंडप एवं वेदी निर्माण
- 4कन्यादान
- 5पाणिग्रहण
- 6सप्तपदी
- 7सिंदूर दान एवं आशीर्वाद
आवश्यक सामग्री
• मंडप सामग्री
• हवन कुंड
• समिधा
• पंचमेवा, मिष्ठान्न
• वस्त्र, माला
• अक्षत, सिंदूर
• नैवेद्य
• ब्राह्मण दक्षिणा
किसके लिए उपयुक्त
- ॥विवाह बंधन में बंधने वाले युगल एवं परिवार
शुभ समय
वर-वधू की कुंडली अनुसार शुद्ध मुहूर्त
यह पूजा बुक करें
पंडित चन्दन भार्गव जी को व्हाट्सएप पर तैयार संदेश भेजें।
यह पृष्ठ शास्त्रीय आधार पर पारम्परिक वैदिक अनुष्ठान का वर्णन करता है। यह सेवा एक आध्यात्मिक अनुष्ठान के रूप में प्रदान की जाती है; यह चिकित्सकीय, क़ानूनी अथवा वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है। फलश्रुति व्यक्तिगत मान्यता का विषय है।