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सेवाएँ
महामृत्युंजय जाप
सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र जाप — आध्यात्मिक शांति एवं दीर्घायु की मंगल कामना हेतु पारम्परिक वैदिक अनुष्ठान।
अवधि: 1-3 दिनश्रावण, सोमवार एवं प्रदोष विशेष शुभ
महत्व
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का त्र्यम्बक मंत्र है। शास्त्रों के अनुसार इसके जाप से मानसिक शांति, आत्मिक बल एवं आध्यात्मिक सुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है।
विधि
- 1संकल्प एवं गणपति पूजन
- 2नवग्रह पूजन
- 3कलश एवं शिवलिंग स्थापना
- 4सवा लाख मंत्र जाप (विद्वान ब्राह्मणों द्वारा)
- 5हवन एवं पूर्णाहुति
- 6आरती एवं प्रसाद
आवश्यक सामग्री
• रुद्राक्ष माला
• शिवलिंग
• दूध, दही, मधु
• बेलपत्र
• सफेद चंदन
• कुश
• हवन सामग्री
• समिधा (पीपल / बेल)
• धूप, कपूर
किसके लिए उपयुक्त
- ॥आध्यात्मिक साधक
- ॥परिवार के मंगल हेतु संकल्प लेने वाले श्रद्धालु
शुभ समय
श्रावण, सोमवार एवं प्रदोष विशेष शुभ
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पंडित चन्दन भार्गव जी को व्हाट्सएप पर तैयार संदेश भेजें।
यह पृष्ठ शास्त्रीय आधार पर पारम्परिक वैदिक अनुष्ठान का वर्णन करता है। यह सेवा एक आध्यात्मिक अनुष्ठान के रूप में प्रदान की जाती है; यह चिकित्सकीय, क़ानूनी अथवा वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है। फलश्रुति व्यक्तिगत मान्यता का विषय है।