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सेवाएँ
कालसर्प शांति
शिप्रा तट पर विधिवत कालसर्प शांति पूजन — शास्त्रोक्त परम्परा अनुसार आध्यात्मिक शांति हेतु पारम्परिक अनुष्ठान।
अवधि: 3-5 घंटेनागपंचमी, अमावस्या एवं पंचमी विशेष शुभ
महत्व
कालसर्प योग ज्योतिष की एक स्थिति है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार इस हेतु राहु-केतु शांति पूजन एवं नाग देवता का स्मरण किया जाता है, जो आध्यात्मिक शांति की भावना से सम्पन्न होता है।
विधि
- 1संकल्प, गणपति पूजन
- 2कलश स्थापना
- 3नवग्रह पूजन
- 4राहु एवं केतु मंत्र जाप
- 5नाग देवता पूजन
- 6हवन एवं पूर्णाहुति
- 7दान-दक्षिणा
आवश्यक सामग्री
• चांदी का नाग-नागिन जोड़ा
• रुद्राक्ष
• पंचधातु
• चंदन
• नैवेद्य
• फल-फूल
• हवन सामग्री
• सफेद-काले वस्त्र
किसके लिए उपयुक्त
- ॥जिनकी कुंडली में कालसर्प योग का उल्लेख हो
- ॥आध्यात्मिक शांति के इच्छुक श्रद्धालु
शुभ समय
नागपंचमी, अमावस्या एवं पंचमी विशेष शुभ
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पंडित चन्दन भार्गव जी को व्हाट्सएप पर तैयार संदेश भेजें।
यह पृष्ठ शास्त्रीय आधार पर पारम्परिक वैदिक अनुष्ठान का वर्णन करता है। यह सेवा एक आध्यात्मिक अनुष्ठान के रूप में प्रदान की जाती है; यह चिकित्सकीय, क़ानूनी अथवा वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है। फलश्रुति व्यक्तिगत मान्यता का विषय है।