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सेवाएँ
पितृदोष शांति
तर्पण, पिण्डदान एवं नारायण बलि — पूर्वजों के स्मरण एवं श्रद्धा अर्पण हेतु शास्त्रोक्त पारम्परिक अनुष्ठान।
अवधि: 4-5 घंटेपितृपक्ष, अमावस्या एवं श्राद्ध तिथि विशेष शुभ
महत्व
पितृदोष शांति पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का शास्त्रीय अनुष्ठान है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार यह पारिवारिक आध्यात्मिक शांति की भावना से सम्पन्न किया जाता है।
विधि
- 1संकल्प एवं गणपति पूजन
- 2पितृ आवाहन
- 3तर्पण विधि (काले तिल, जल)
- 4पिण्डदान
- 5नारायण बलि
- 6हवन एवं ब्राह्मण भोज
आवश्यक सामग्री
• काले तिल
• जौ
• कुश
• पिण्ड हेतु आटा
• गाय का दूध
• सफेद वस्त्र
• नैवेद्य
• दान सामग्री
किसके लिए उपयुक्त
- ॥पूर्वजों के स्मरण के इच्छुक श्रद्धालु
- ॥पारिवारिक आध्यात्मिक शांति हेतु
शुभ समय
पितृपक्ष, अमावस्या एवं श्राद्ध तिथि विशेष शुभ
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यह पृष्ठ शास्त्रीय आधार पर पारम्परिक वैदिक अनुष्ठान का वर्णन करता है। यह सेवा एक आध्यात्मिक अनुष्ठान के रूप में प्रदान की जाती है; यह चिकित्सकीय, क़ानूनी अथवा वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है। फलश्रुति व्यक्तिगत मान्यता का विषय है।