सभी सेवाओं पर वापस

सेवाएँ

महारुद्राभिषेक

ग्यारह वैदिक द्रव्यों से भगवान शिव का अभिषेक — आध्यात्मिक कल्याण एवं सकारात्मक ऊर्जा हेतु शास्त्रोक्त अनुष्ठान।

अवधि: 2-4 घंटेश्रावण मास, सोमवार, प्रदोष, शिवरात्रि एवं त्रयोदशी विशेष शुभ
Maha Rudrabhishek ritual

महत्व

महारुद्राभिषेक भगवान शिव की आराधना का एक प्रमुख वैदिक अनुष्ठान है। शास्त्रों में इसे शिव को प्रिय बताया गया है तथा इसे आध्यात्मिक उन्नति एवं मानसिक शांति की भावना से सम्पन्न किया जाता है।

विधि

  1. 1गणपति पूजन एवं संकल्प
  2. 2कलश स्थापना एवं पंचदेव पूजन
  3. 3रुद्र मंत्रों से अभिषेक (दूध, दही, घी, मधु, शक्कर, गंगाजल आदि)
  4. 4शिव सहस्रनाम / नमक चमक पाठ
  5. 5आरती एवं पुष्पांजलि
  6. 6प्रसाद वितरण

आवश्यक सामग्री

• शुद्ध दूध
• दही
• घी
• मधु
• गंगाजल
• बेलपत्र
• धतूरा
• भांग
• सफेद वस्त्र
• नैवेद्य
• फल-फूल
• कपूर एवं अगरबत्ती

किसके लिए उपयुक्त

  • शिव भक्त
  • आध्यात्मिक उन्नति के इच्छुक श्रद्धालु
  • गृह में मंगल कार्य से पूर्व

शुभ समय

श्रावण मास, सोमवार, प्रदोष, शिवरात्रि एवं त्रयोदशी विशेष शुभ

यह पूजा बुक करें

पंडित चन्दन भार्गव जी को व्हाट्सएप पर तैयार संदेश भेजें।

यह पृष्ठ शास्त्रीय आधार पर पारम्परिक वैदिक अनुष्ठान का वर्णन करता है। यह सेवा एक आध्यात्मिक अनुष्ठान के रूप में प्रदान की जाती है; यह चिकित्सकीय, क़ानूनी अथवा वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है। फलश्रुति व्यक्तिगत मान्यता का विषय है।

>